हौसला बुलंद हो तो दिव्यांगता भी आड़े नहीं आती पढ़िए इस बालिका की कहानी

इटावा.जनपद के परिषदीय विद्यालय में अध्ययन करने वाली कक्षा-5 की छात्रा कु0 किरन पुत्री इन्दल सिंह निवासी बुटाहार, नगला बाबा जसवन्तनगर ने दिव्यांगता को हराकर नवोदय विद्यालय में मारी बाजी.


हौसला बुलंद हो तो दिव्यांगता भी आड़े नहीं आती है ऐसा ही मामला है कु0 किरन का है जो कि पॉच बहनों में तीसरे नम्बर की है। प्रा0वि0 नगला बाबा सरायभूपत, जसवन्तनगर में कक्षा-4 में अध्ययन करते समय तेज बुखार आने के कारण वह शारीरिक रूप से दिव्यांग हो गयी.

विद्यालय आने जाने में उस समय उसे अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पडता था वह समय से स्कूल नही पहुॅच पाती थी.विद्यालय की प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी देवी द्वारा उसे ऑटो से आने-जाने का सहारा दिया गया .

तथा विद्यालय के अध्यापक सविता यादव एवं प्रवेश कुमार व स्पेशल एजुकेटर अनिल कुमार (एच0आई0) के अथक प्रयास से छात्रा ने हार नही मानी और पढाई-लिखाई में मेहनत से प्रयास करती रही.

बालिका का प्रयास रंग लाया और उसका नवोदय विद्यालय में कक्षा-6 में नामांकन हो गया.

जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अर्चना सिन्हा तथा विकास खण्ड में कार्यरत स्पेशल एजुकटर्स अनिल कुमार व सत्य नारायण प्रसाद के प्रयास से बालिका का जसवन्तनगर बीआरसी कैम्प में दिव्यांगता प्रमाण बनवाया गया। प्रमाण-पत्र मिलने के उपरान्त जिला कमेटी द्वारा बालिका का चयन स्टाईपेन्ट की धनराशि के लिए भी किया और बालिका को सभी अध्यापको के कर कमलों द्वारा रू0 2000.00 स्टाईपेन्ड की धनराशि चेक के माध्यम से प्रदान की गयी.


बालिका के अथक प्रयास से नवोदय विद्यालय में नामांकन होने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह,खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार चौधरी,जिला समन्वयक अर्चना सिन्हा,मनोज धाकरे ने समस्त स्टाफ एवं अभिभावकों को 
शुभकामनाएं दी।

रिपोर्ट-इशरत अब्बासी

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