एस्कार्ट एलाउन्स की धनराशि पाकर दिव्यांग बच्चों के चेहरे ख़ुशी से खिलें

इटावा।
राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ के निर्देशानुसार शैक्षिक सत्र 2019-20 में जनपद के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत गम्भीररूप से दिव्यांग बच्चों को समग्र शिक्षा अभियान समेकित शिक्षा के अन्तर्गत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह के निर्देशन में जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अर्चना सिन्हा के द्वारा दिव्यांग बच्चों को एस्कार्ट एलाउन्स हेतु प्रोत्साहन धनराशि रू0 5000.00 तथा स्टाईपेन्ड बालिकाओं हेतु रू0 2000.00 की धनराशि चेक के माध्यम से वितरित की गई।



एस्कार्ट एलाउन्स की धनराशि पाकर दिव्यांग बच्चों के चेहरे खिलें और उन्हे विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करते हुए शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़े रहने के लिए उत्साह प्रदान हुआ। 


यह कार्यक्रम वर्ष 2019-20 में जनपद के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत कुल 110 दिव्यांग बालक एवं बालिका तथा 60 दिव्यांग बालिकाओं हेतु आयोजित किया जा रहा है। इन बच्चों का चयन जिला कमेटी द्वारा किया गया है जो जनपद के 08 विकास खण्डों एवं नगर क्षेत्र से है। उक्त धनराशि माह मार्च, 2020 में ही विद्यालय के प्रबन्ध समितियों के खातों में सीधे हस्तान्तरित की जा चुकी थी। लॉकडाउन एवं विद्यालय बन्द होने के कारण बच्चों को धनराशि प्रदान न की जा सकी। 




आज जनपद के प्रत्येक विकास खण्ड में चयनित बच्चों को जिला समन्वयक समेकित शिक्षा द्वारा तथा विकास खण्डों में कार्यरत इटीनरेंट टीचर्स के माध्यम से एस्कार्ट एलाउन्स एवं स्टाईपेन्ड की धनराशि का वितरण किया जा रहा है। आज यह कार्यक्रम विकास खण्ड ताखा में संकुल ताखा पर उ0प्रा0वि0 कठौतिया, प्रा0वि0 केशोपुर के आधार पर कुल 07 उ0प्रा0वि0 तथा 16 प्रा0वि0 में अध्ययनरत कुल 10 बालक व 04 बालिकाओं को एस्कार्ट एलाउण्स तथा 09 बालिकाओं को स्टाईपेण्ड की धनराशि वितरित किया गया 


जिसमें लाभार्थी सुहेल पुत्र मनोज कुमार कक्षा-6, सुमित पुत्र धनीराम कक्षा-2, प्रिया पुत्री सुनील कुमार कक्षा-5 को उपस्थित जिला समन्वयक समेकित शिक्षा अर्चना सिन्हा, एआरपी विनय तिवारी तथा संकुल प्रभारी राधा किशन, देवेश त्रिवेदी, अरविन्द कुमार और विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों तथा विकास खण्ड में कार्यरत स्पेशल एजुकेटर्स ओम प्रकाश,अशोक कुमार के द्वारा प्रदान की गई। 


प्रोत्साहन धनराशि प्रदान करते हुए अर्चना सिन्हा द्वारा जानकारी दी कि वर्ष 2020-21 में भी इसी प्रकार के दिव्यांग बच्चों का चयन किया जाना है। परियोजना से निर्देश प्राप्त होते ही जनपद कें प्रत्येक विकास खण्ड से ऐसे ही गम्भीररूप से दिव्यांग बच्चों की सूची मॉगी जायेगी, जो कि विद्यालय में अध्ययनरत होने के साथ-साथ प्रत्येक माह में कम से कम 75 प्रतिशत की उपस्थित अनिवार्यरूप से हो और बच्चों के पास 40 से 100 प्रतिशत का दिव्यांगता प्रमाण-पत्र अवश्य हो। 

रिपोर्ट-इशरत अब्बासी

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