नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की

भरथना(इटावा)
सनातन धर्मी गृहस्थ परिवारों में  भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दिन मंगलवार को रात्रि बारह बजते ही जन्माष्टमी के रूप में शंख,घड़ियाल के साथ-साथ नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की बधाइयाँ गाते हुए बड़े ही हर्षउल्लास के साथ मनाया गया. वहीं आज दिन बुधवार को मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियों को लेकर मंदिरों को अच्छे ढंग से सजाया गया है लेकिन कोरोना वायरस के चलते मंदिरों भगवान श्रीकृष्ण की झांकियो का आयोजन न करने से श्रद्धालुओं में निराशा नजर आ रही है. वैसे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव जरूर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मनाया गया
पंचांग के अनुसार, इस साल जन्माष्टमी पर कृतिका नक्षत्र लग रहा है और सूर्य कर्क और चंद्रमा मेष राशि में रहेगा। इस संयोग से वृद्धि योग भी बन रहा है इस कारण गृहस्थ संप्रदाय के लोग कृष्ण जन्माष्टमी मनाएगे हैं और वैष्णव संप्रदाय के लोग कृष्ण जन्मोत्सव मनाएगे हैं। वहीं गृहणी उषा गुप्ता, पूजा, विनीता, शिवानी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म जन्माष्टमी के रूप में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को सुबह से ही व्रत रखकर भगवान श्री कृष्ण के जन्म की तैयारी को लेकर उनके झूले-पालने को सजाकर और उनके प्रिय भोजन को प्रसाद के रूप में बनाकर बड़े ही धूमधाम से रात्रि बारह बजते ही शंखनाद की ध्वनि के साथ साथ करताल बजा कर भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतार कर भोग लगाया और प्रसाद वितरण कर हर्षउल्लास के साथ मनाया.

रिपोर्ट-इशरत अब्बासी

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